यवओ म मदक पदरथ क वयसन स मनदश एव समजक वघटन म सरथकत क अधययन
Abstract
इस शोध पत्र के द्वारा युवाओं में मादक पदार्थों के व्यसन से मनोदशा एवं सामाजिक विघटन में सार्थकता का अध्ययन किया गया है। मादक पदार्थो का उपयोग प्राचीन काल से ही विविध रूपों में हो रहा है। मादक पदार्थों की उपयोगिता समस्याओं के निराकरण में लम्बे समय से प्रयास चल रहा है लेकिन आजकल इसका प्रयोग बहुत ही तेजी से बढ़ता ही जा रहा है। नशे के कारण व्यक्ति का निजी जीवन व सामाजिक परिवेश दूषित हो गया है। प्रस्तुत शोध में अंाकड़ांे के संकलन हेतु स्वनिर्मित अनुसूची का निर्माण किया गया है। इसमें रीवा जिले की 250 युवा उत्तरदाता से उद्देश्यपरक प्रतिदर्श के आधार पर चयन कर तथ्यों के संकलन हेतु संबंधित उद्देश्यों के आधार पर अनुसूची का निर्माण किया गया। शहरी क्षेत्र के युवाओं में मादक पदार्थों के व्यसन से मनोदषा एवं सामाजिक विघटन में सार्थकता का औसत उपलब्धि 25.96 तथा मानक विचलन 8.04 है। ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं में मादक पदार्थों के व्यसन से मनोदशा एवं सामाजिक विघटन में सार्थकता का औसत उपलब्धि 22.52 तथा मानक विचलन 8.26 है। शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं में मादक पदार्थों के व्यसन से मनोदशा एवं सामाजिक विघटन में सार्थक अन्तर है।
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