भरत सरकर क नत परवरतन: डजटलकरण क परभव और भवषय क दश
Abstract
भारत सरकार द्वारा अपनाए गए डिजिटलीकरण से संबंधित प्रमुख नीतिगत परिवर्तनों का विश्लेषण किया गया है। डिजिटलीकरण की दिशा में सरकार की पहलें, जैसे मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया और जन धन योजना, ने भारतीय बैंकिंग प्रणाली को पूरी तरह से बदल दिया है। इन नीतियों के अंतर्गत बैंकों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ग्राहकों को सेवाएँ देने की दिशा में प्रोत्साहित किया गया है, जिससे वित्तीय समावेशन में वृद्धि हुई है। डिजिटलीकरण ने स्मार्टफोन और इंटरनेट की मदद से बैंकिंग को अधिक सुलभ और सुविधाजनक बना दिया है। सरकार ने UPI (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) और अन्य डिजिटल भुगतान प्रणालियों के माध्यम से नगद लेन-देन को कम किया है, जिससे अर्थव्यवस्था में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ी है। हालांकि, डिजिटलीकरण के साथ कई चुनौतियाँ भी सामने आई हैं, जैसे साइबर सुरक्षा की समस्याएँ और डिजिटल साक्षरता की कमी। इन चुनौतियों का समाधान करने के लिए सरकार ने कई उपायों की योजना बनाई है, जैसे कि साइबर सुरक्षा अधिनियम और डिजिटल शिक्षा का विस्तार। भविष्य में, भारतीय सरकार की नीतियाँ डिजिटल बैंकिंग और भुगतान प्रणालियों के और अधिक विस्तार की दिशा में होंगी, जिससे देश के विकास में एक महत्वपूर्ण भूमिका अदा की जाएगी।
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