गव मकत आदलन क अमर सनन : प० गजधर तवर वदय
Abstract
भारत राष्ट्र में ऐसे अनेक क्रांतिवीर हुए, जिन्हें उनके त्याग, तपस्या, वीरता एवं देशभक्ति के कारण राष्ट्रीय-स्तर पर काफी पहचान मिली, परन्तु साथ ही साथ ऐसे भी अनेक महापुरूष हैं, जिन्हें स्थानीय स्तर पर तो वहाँ की जनता जानती है, परन्तु राष्ट्र-स्तर पर वे गुमनाम अथवा अल्पज्ञात ही रहे। शायद इसका कारण पूर्व के इतिहासकारों एवं शोधकर्ताओं का उपेक्षापूर्ण रवैया तथा किसी खास विचारधारात्मक इतिहास लिखने के प्रति विशेष झुकाव रहा है। वस्तुतः आजकल विद्वानों नें इतिहास-लेखन की उस कमी को पहचाना है तथा अल्पज्ञात एवं गुमनाम शख्सियतों के जीवन एवं राष्ट्रसेवा में किये हुए योगदान को प्रकाश में लाने का प्रयास करना प्रारम्भ किया है।ऐसे भारत राष्ट्र के नभ में एक जगमगाते अग्नि-पुँज का नाम है पण्डित गजाधर तिवारी वैद्य। क्रांतिधरा मेरठ से संबद्ध यह वीर असाधारण व्यक्तित्व और महान कृतित्व का धनी था। भारतीय राष्ट्रीय स्वाधीनता संग्राम एवं हिन्दू-राष्ट्रवाद के उत्थान में पण्डित गजाधर तिवारी का योगदान आज भी बहुसंख्य भारतीय को नहीं पता है।
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