गगनहर कमन कषतर म सचई गहनत और शसय गहनत क सहसबध तथ इनक बदलत पररप
Abstract
प्रस्तुत अध्ययन में गंगनहर कमान क्षेत्र में सिंचाई गहनता और शस्य गहनता के परिवर्तनशील प्रारूप तथा इनके सहसंबंध का विवेचन किया गया है। सिंचाई गहनता और शस्य गहनता के वर्ष 1995-96 एवं 2020-21 के तहसीलवार द्वितीयक आँकड़े लिये गये हैं तथा उक्त अवधि के दौरान इनमें आये परिवर्तनों का आॅकलन किया गया है। आँकड़ों के आधार पर दोनों वर्षों के लिये सिंचाई गहनता और शस्य गहनता के सहसंबंधों का परिकलन कार्ल पियर्सन के सहसंबंध गुणांक की सहायता से किया गया है। साथ ही, उक्त 25 वर्षों के दौरान सिंचाई गहनता और शस्य गहनता में हुए परिवर्तन के सहसंबंध की गणना भी की गयी है। सिंचाई गहनता में विभिन्नता का प्रभाव शस्य गहनता पर भी देखा जाता है। प्रायः जहाँ सिंचाई के अधीन क्षेत्रफल एवं सिंचाई सुविधाएं अधिक होती है वहाँ शस्य गहनता भी अधिक मिलती है। शस्य गहनता वृद्धि में सिंचाई का महत्त्वपूर्ण योगदान है। वर्ष 1995-96 के सिंचाई गहनता के आँकड़ों के विश्लेषण से स्पष्ट है कि इस दौरान सभी तहसीलों में सकल सिंचित क्षेत्र निवल बोये गये क्षेत्र से कम होने के कारण सिंचाई गहनता 100 प्रतिशत से कम थी। आगे की अवधि में सिंचाई गहनता में व्यापक वृद्धि दृष्टिगोचर हुई है। वर्ष 2020-21 में सभी तहसीलों में यह 160 प्रतिशत से अधिक है। यदि शस्य गहनता पर दृष्टिपात करें तो वर्ष 1995-96 में सभी तहसीलों में यह 120 प्रतिशत से अधिक थी। आगे की अवधि में सिंचाई गहनता की तरह शस्य गहनता में भी वृद्धि देखी गयी है। वर्ष 2020-21 में सभी तहसीलों में यह 150 प्रतिशत से अधिक है। सिंचाई गहनता और शस्य गहनता दोनों में ही वर्ष 1995-96 से 2020-21 के मध्य सभी तहसीलों में धनात्मक परिवर्तन देखने को मिलता हैं। अध्ययन अवधि के दौरान अनूपगढ़ तहसील के अलावा अन्य सभी तहसीलों में सिंचाई गहनता बढ़कर लगभग दुगुनी या दुगुनी से भी अधिक हो गयी है। अनूपगढ़ तहसील में यह वृद्धि लगभग 1.65 गुना है। उक्त अवधि के दौरान शस्य गहनता के धनात्मक परिवर्तन में विभिन्नताएं मिलती हैं। वर्ष 1995-96 एवं 2020-21 में सिंचाई गहनता और शस्य गहनता के सहसंबंध गुणांक क्रमशः .0.80 एवं .0.89 है अर्थात् दोनों ही वर्षों में इनमें उच्च धनात्मक सहसंबंध है। 1995-96 से 2020-21 के मध्य सिंचाई गहनता और शस्य गहनता में हुए परिवर्तनों/अंतरों का सहसंबंध गुणांक ़0.85 है। यह भी उच्च धनात्मक सहसंबंध को व्यक्त करता है अर्थात् सिंचाई गहनता में वृद्धि या कमी के साथ-साथ शस्य गहनता में भी वृद्धि या कमी देखने को मिलती है। इस प्रकार कमान क्षेत्र में तहसीलवार सिंचित क्षेत्र एवं सिंचाई सुविधाओं में वृद्धि से शस्य गहनता भी बढ़ी है। सिंचित क्षेत्रों में सिंचित कृषि से जुड़ी समस्याओं तथा गैर-सिंचित क्षेत्रों में सिंचाई की सापेक्ष आवश्यकता जैसे पहलुओं को ध्यान में रखते हुए सिंचाई गहनता के आधार पर भविष्यगत नियोजन किया जाना आवश्यक है ताकि सिंचाई दक्षता में वृद्धि करके संपोषणीय कृषि विकास को प्रोत्साहित किया जा सके।
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