वरतमन परपरकषय म कमकज महलओ क समजक व आरथक सथत क अधययन
Abstract
इस शोधपत्र का उद्देश्य कामकाजी महिलाओं की सामाजिक और आर्थिक स्थिति का अध्ययन करना और विश्लेषण करना है। इसके लिए विभिन्न द्वितीयक स्रोतों से जानकारी संकलित कर उनका विश्लेषण किया गया है। अध्ययन में पाया गया कि स्वतंत्रता के बाद से किए गए सरकारी प्रयासों के परिणामस्वरूप महिलाओं की स्थिति में सुधार हुआ है। परिवार की सामाजिक और आर्थिक सशक्तता का माध्यम बनकर महिलाएं व्यक्तिगत रूप से भी सशक्त हुई हैं। परंपरा से आधुनिकता की ओर इस परिवर्तन के दौरान पुरुष और महिला को मिलकर कुछ मानक स्थापित करने होंगे ताकि महिलाओं की आर्थिक और सामाजिक सशक्तता सार्थक हो सके। स्रोतों के अनुसारए 2022.23 में महिला श्रम बल भागीदारी दर (FLFPR) 37% तक बढ़ गई हैए जो 2017.18 में 23% थी। उच्च शिक्षा में महिलाओं का नामांकन भी उल्लेखनीय रूप से बढ़ा है। एक ओरए वे अपने परिवार की आर्थिक आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम हो रही हैंए वहीं दूसरी ओरए कार्यस्थल पर भी अपनी प्रतिष्ठा स्थापित कर रही हैं। हालांकिए यौन उत्पीड़न और घरेलू हिंसा जैसी चुनौतियाँ अभी भी बनी हुई हैं। इस प्रकारए यह स्पष्ट है कि सरकारी प्रयासों और योजनाओं ने महिलाओं की स्थिति में सुधार किया हैए लेकिन समग्र सशक्तता के लिए पुरुष और महिलाओं के बीच सहयोग और समन्वय की आवश्यकता है।
How this paper connects to the literature. Drag to explore, click any node to open that paper.
