कवड क बद भरत रस सबध
Abstract
भारत और रूस के संबंध काफी पुराने हैं। अक्टूबर 2000 ई0 में भारत-रूस सामरिक साझेदारी घोषणा पर हस्ताक्षर करने के बाद से भारत-रूस संबंध द्विपक्षीय संबंधों के लगभग सभी क्षेत्रों में सहयोग के बढ़े हुए स्तरों के साथ एक गुणात्मक रूप से नया स्वरूप देखा गया है।हालांकि पिछले कुछ दशकों में खासकर पोस्ट-कोविड परिदृश्य में संबंधों में भारी गिरावट आई है। इसका सबसे बड़ा कारण रूस के चीन और पाकिस्तान के साथ घनिष्ठ संबंध है जिन्होंने कुछ वर्षों में भारत के लिए कई भू-राजनीतिक मुद्दों का कारण बना दिया।भारत के प्रधानमंत्री और रूसी संघ के राष्ट्रपति के बीच वार्षिक शिखर सम्मेलन भारत और रूस के बीच रणनीतिक साझेदारी में सर्वोच्च संस्थागत वार्ता होती है।24 फरवरी 2022 को रूस द्वारा यूक्रेन पर आक्रमण कर दिया जाता है जिसे रूस ने यूक्रेन का विसैन्यकरण करने के लिए रूस का सैन्य कार्यवाही कहा। रूस के इस हमले से वैश्विक स्थिति में अंतर्राष्ट्रीय संबंधों में भारी दबाव आया है। हालांकि इस दौरान भारत और रूस के संबंधों में और भी प्रगाढ़ता आई है। भारत उन चुनींदा देशों में है जिन्हें रूस के लगभग हर विदेश नीति के दस्तावेज में जगह मिली है।
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