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बदध धरम और दलत चतन
International Journal of Advanced Academic Studies · 2019 · Vol. 1(1) · pp. 82–87
Abstract
जाति रोग से ग्रसित समाज के ऊपर कुठाराघात कर धर्म के प्रति सजग व सुदृढ़ कर रूढ़िवादी विचारधारा को समाप्त करने एवं लोगों के मन में धर्म के प्रति मतभिन्नता को दूर करने का प्रयास यथोचित है। लोगों के मन में धार्मिक आक्रान्ताओं को दूर कर बौद्ध धर्म के प्रति लोगों को जारूक कर मनुष्य को जीवन जीने के शैली को प्रस्तुत किया गया है। बौद्ध धर्म के माध्यम से मनुष्य जीवन को उत्कृष्ट किया गया है। वसुदैव कुटुम्बकम् सर्वे जन सुखिनः, जैसी विचारधारा को लोगों के मन में प्रवाहित किया गया है। जिससे आज के परिवेश में सामाजिक चेतना स्वतः स्फुर्रित है।
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