बचच म अचछ पषण, खदय सरकष एव शररक सथत वकस एक चनत
Abstract
अच्छी पोषण एवं शारीरिक स्थिति विकास का एक महत्त्वपूर्ण सूचक है। यद्यपि राष्ट्रीय-स्तर पर विभिन्न नीतियों के माध्यम से महिलाओं एवं बच्चों के पोषण के लिये कई प्रयास किए जा रहे हैं परंतु कुपोषण अभी भी विद्यमान है। भारत में पाँच साल से कम उम्र के 43.5 प्रतिशत बच्चे एवं 50 प्रतिशत महिलाएँ कुपोषण एवं अनीमिया (रक्त की कमी) का शिकार हैं। कुपोषण एवं अल्पपोषण का शिकार ग्रामीण समुदायों की महिलाएँ एवं बच्चे ज्यादा हैं जहाँ आहार विविधता सीमित है। कुपोषण बच्चों में कम बुद्धि व अंधापन का एक कारण है तथा महिलाओं में अनीमिया का महत्त्वपूर्ण कारक है। कुपोषण एवं अल्पपोषण हमारे अस्तित्व, विकास, स्वास्थ्य, उत्पादकता और आर्थिक स्थिति को प्रभावित करता है। प्राथमिक रूप से कुपोषण के मुख्य कारक महिलाओं में ऊर्जा की कमी, जन्म के समय शिशु का कम वजन, विटामिन ए, लौह तत्व एवं आयोडीन की कमी आदि हैं।
How this paper connects to the literature. Drag to explore, click any node to open that paper.
