रव जल क जव वकसखणड म वयकतय व समज क वरदध अपरध - एक समजशसतरय अधययन
Abstract
इस शोध पत्र के द्वारा रीवा जिले के जवा विकासखण्ड में व्यक्तियों व समाज के विरूद्ध अपराधः एक समाजशास्त्रीय अध्ययन किया गया है। अध्ययन के दौरान देखा गया कि शोध क्षेत्र में शोध क्षेत्र के समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों से इस सन्दर्भ में अध्ययन के समय जानकारी प्राप्त की गयी जिसमें 56.00 प्रतिशत लोगों द्वारा क्षेत्र में अपराध घटित होते हैं के सम्बन्ध में हाँ बताया गया है और 44.00 प्रतिशत ने नहीं। बुद्धिजीवी वर्ग के 18 प्रतिशत, 19 प्रतिशत नौकरी पेशा, 17 प्रतिशत व्यापारी वर्ग और 35 प्रतिशत जनप्रतिनिधि व अन्य वर्ग के लोगों द्वारा बताया गया कि अपराधी समाज मंे ही रहने वाले होते हैं उत्तर हाँ में दिया गया है। 63 प्रतिशत लोगों का यह मानना है कि वर्तमान समय में लोगों मंे सोशल मीडिया का प्रचलन भी अपराध को बढ़ावा दे रहा है एवं 37 प्रतिशत लोगों द्वारा वर्तमान समय में लोगों मंे सोशल मीडिया का प्रचलन भी अपराध को बढ़ावा दे रहा है का उत्तर नहीं बताया गया। 58 प्रतिशत लोगों का यह मानना है कि लोगों में निर्धनता क्या अपराध के प्रमुख कारणों में हैं एवं 42 प्रतिशत लोगों द्वारा लोगों में निर्धनता क्या अपराध के प्रमुख कारणों में हैं का उत्तर नहीं में प्रस्तुत किया गया। इस प्रकार कुल 62 प्रतिशत लोगों का यह मानना है कि आर्थिक कारणों से अपराध होते हैं एवं 38 प्रतिशत लोगों का मानना है कि आर्थिक कारणों से अपराध नहीं होते हैं। शोध क्षेत्र के बुद्धिजीवी वर्ग के 12 प्रतिशत, 13 प्रतिशत नौकरी पेशा, 12 प्रतिशत व्यापारी वर्ग और 21 प्रतिशत जनप्रतिनिधि व अन्य वर्ग के लोगों का यह मानना है कि आपके क्षेत्र में मद्यपान (नशाखोरी) के अपराध होते हैं।
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