शकष क कषतर म सचन एव सचर परदयगक क वकस क परभव
Abstract
सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी, शिक्षा सहित अन्य क्षेत्रों के क्रियाकलापों को अत्यंत प्रभावित कर रही है। यह पठन-पाठन से लेकर आंकलन-मूल्यांकन तक शिक्षा के हर पहलू को प्रभावित कर रही है। यह शिक्षा की प्रभावशीलता बढ़ाती है एवं साक्षरता के आंदोलन मे भी काफी मददगार है रेडियो, टेलीविजन, संगणक इंटरनेट, मोबाइल, शोसल साइट्स आदि का उपयोग आज शिक्षा के क्षेत्र में अकल्पनीय एवं विस्तृत है। इंटरनेट एवं अन्य संचार माध्यमों के उपयोग के लिए उपग्रहो की सहायता से सरलतापूर्वक सूचनाओं आदान प्रदान होता आ रहा है। शिक्षा चाहे किसी भी क्षेत्र के लिए हो एवं सूचना जिसे जन-जन तक पहुँचाना है, वह सूचना प्रोद्योगिकी के विकास से ही संभव हो पाया है। इस अभिलेख के द्वारा मैं यह अब तार्किक रूप से कह सकता हूँ कि आज मोबाईल फोन, कम्पूटर, के माध्यम से कोई भी कहीं भी एवं सूचना एवं जानकारी प्राप्त कर शिक्षा के किसी भी क्षेत्र मे शिक्षत हो सकता है एवं अपनी सेवा प्रदान कर देश एवं राष्ट्र हित में काम कर सकता है। समाज में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग भी आज सूचना-तकनीकी के माध्यम से सरकार की योजनाओं की जानकारी लेकर लाभान्वित होते आ रहे हैं। स्मार्ट क्लास एजुकेशनल सर्विसेज, ऑनलाईन क्लासेज, गुणवतापूर्ण शिक्षा में इसकी अहम भूमिका को नकारा नही जा सकता। वैश्विक स्तर पर सूचना और संचार प्रौद्योगिकी की भूमिका को स्वीकारा और साराहा गया है। इस आलेख के माध्यम यह विश्लेषण कर रहा हूँ कि शिक्षण में चुनौतियाँ, शिक्षको की गुणवत्ता एवं सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाएँ, एवं स्मार्ट क्लासेस में सूचना संचार एवं प्रौद्योगिकी का कितना भोजरान एवं प्रभाव है।
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