रव जल म घरल महल उतपड़न पर परमरश कनदर क भमक एक समजशसतरय अधययन
Abstract
इस शोध पत्र के द्वारा रीवा जिले में घरेलू महिला उत्पीड़न पर परामर्श केन्द्र की भूमिका: एक समाजशास्त्रीय अध्ययन किया गया है। प्रस्तुत शोध में आंकड़ों के संकलन हेतु स्वनिर्मित अनुसूची का निर्माण किया गया है। इसमें रीवा जिले के न्यादर्श में चयनित परिवार परामर्श केन्द्र से 10 (02 कर्मचारी, 02 सामाजिक कार्यकर्ता, 02 काउंसलर, 02 महिला हेल्पलाइन व 02 अधिकारियों) और सभी विकासखण्डों से 40-40 अर्थात कुल 360 महिला उत्तरदाताओं से जिसमें सभी शहरी एवं ग्रामीण, सभी धर्म एवं आयु के लोग सम्मिलित है, आंकड़ों का संग्रहण किया गया है। शोध क्षेत्र में 90.00 प्रतिशत परिवार परामर्श केन्द्र के (कर्मचारी, सामाजिक कार्यकर्ता, काउंसलर, महिला हेल्पलाइन व अधिकारियों) और 72.78 प्रतिशत महिला उत्तरदाता सहमत थे कि परिवारिक कलह, शराबखोरी आदि के कारण होने वाली महिला उत्पीड़न का हल कानूनी माध्यम से संभव नही हो पाती, क्योंकि मूलतः ये समस्याएं मनोवैज्ञानिक कारणों से उत्पन्न होती है। इसका समाधान मनोवैज्ञानिक तरीके से परामर्श परिवार परामर्श केन्द्रों की भूमिका से की जाती है।
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