पकसतन क वरतमन रजनतक सकट और अतत क जड़, मदद और समधन: एक वशलषण
Abstract
एक देश में स्वस्थ-नागरिक सैन्य संबंध केवल वोट डालने, सरकार के मुखिया को चुनने अथवा विधायिका के अस्तित्व के होने भर से ही सुनिश्चित नहीं होते अपितु यह लोकतान्त्रिक-नागरिक संस्था निर्माण की एक सतत प्रक्रिया है, जिसके लिए व्यापक राजनीतिक जागरूकता व शिक्षा, संवैधानिक शासन, नागरिक-स्वतंत्रता, कानून का शासन और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता आदि व्यवस्थाओं को अपनाना आवश्यक है। इन सबके बिना चाहें कोई भी शासन हो लोकतंत्र को उसके वास्तविक अर्थों में व्यवहार में नहीं ला सकता। पाकिस्तान की वर्तमान समस्या का मूल कारण भी स्वस्थ्य नागरिक-सैन्य संबंधो का अभाव ही है, जिसकी जड़े पाकिस्तान के इतिहास में छिपी हुई है। अतीत में पाकिस्तान के सैन्य और नागरिक शासकों की अलोकतांत्रिक व सत्तावादी शासन की प्रकृति के कारण ही, पाकिस्तान आज इस अस्थिरता के संकट से गुजर रहा है। क्योंकि यहाँ के शासकों ने संविधानिक प्रक्रिया और कानून के शासन को बहुत कम सम्मान दिया है।
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