article Open Access
मथल रजय क वसतवकत एक वशलषणतमक अधययन
International Journal of Advanced Academic Studies · 2021 · Vol. 3(1) · pp. 84–86
Abstract
मिथिला क्षेत्र को अलग रूप से राज्य के रूप में अभिहीत करने हेतु मिथिलावासियों द्वारा प्रयास किया जा रहा है। इसके विभिन्न कारण हैं। भारत के दार्शनिक, उद्भव, सांस्कृतिक और साहित्यिक विकास के क्षेत्र में मिथिला का महत्वपूर्ण स्थान रहा है। मिथिला का इतिहास निस्संदेह गौरवमय रहा है. पुरातत्व के अवशेषों का अन्वेषण, विश्लेषण में पूरा पाषाणकाल, मध्यकाल और नव पाषाण काल के कई अवशेष अभीतक प्रकाश में नहीं आए हैं। इस पत्र के माध्यम से मिथिला राज्य की वास्तविकता पर विश्लेषण प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है।
Citations
0
FWCI
0.00
field-weighted impact
References
0
Percentile
66%
vs. same field & year
Citation Network
How this paper connects to the literature. Drag to explore, click any node to open that paper.
