हद पतरकरत म भरतनद क यगदन
Abstract
हिन्दी में पत्रकारिता का इतिहास अत्यन्त प्राचीन रहा है, परन्तु हम देखते है कि आधुनिक काल में पत्रकारिता मानव की जरूरत बनती जा रही हैं। आज हम मीडिया के माध्यम से छोटी से छोटी घटना को पत्रकारिता या विभिन्न समाचार पत्रों व समाचार चौनल के माध्यम से जानकारी प्राप्त कर लेते हैं, जनसचार का विकास दिनों-दिन बढ़ता जा रहा है पत्रकारिता साहित्य व भाषा के बिना अधूरी है, हिन्दी साहित्य में भारतेन्दु जी का पत्रकारिता के क्षेत्र में विशेष योगदन रहा हैं, लेखक ने अपनी लेखनी द्वारा समाज के हर क्षेत्र की घटनाए चाहे समाजिक हो आर्थिक हो राजनैतिक हो कर पहलू को हिन्दी साहित्य के माध्यम से समाज के समने प्रस्तुत किया. मेरा मानना है कि एक साहित्यकार ही पत्रकारिता के माध्यम से समाज में हो रही अच्छे बुरी घटनाओं को प्रकाशित करता है, आज के समय मे पत्रकारिता की बाढ सी आने लगी है विभिन्न शचियो के अनुसार समाचार पत्र प्रकाशित होने लगे है आज पत्रकारित सहित्य के साथ साथ सहित्य क्षेत्र मे भी आगे बढ रहा हैं।
How this paper connects to the literature. Drag to explore, click any node to open that paper.
