कशरय क परधन क बदलत सवरप - फशन क परदशय म
Abstract
परिधान जिसे पहनावा भी कहते हैं, ऐसे वस्त्र हैं जिन्हें शरीर पर पहना जाता हैं। यह कपड़े ज्यादातर मनुष्यों तक ही सीमित हैं और लगभग सभी मानव समाजों की विशेषता हैं। परिधान का प्रकार शरीर के प्रकार, सामाजिक और भौगोलिक विचारों पर निर्भर करते हैं। कुछ भारत में जातीयता, भूगोल, जलवायु और क्षेत्र की सांस्कृतिक परंपराओं के आधार पर भिन्न-भिन्न प्रकार के वस्त्र धारण किये जाते हैं। भारत एक महान विविधता युक्त देश हैं। यहाँ विविध रंगों, फाइबर के अनुसार कपड़े उपलब्ध हैं। भारत में महिलाओं के कपड़े व्यापक रूप से भिन्न होतें है और स्थानीय संस्कृति, धर्म और जलवायु के साथ आधार पर होते हैं। यह संस्कृति धीरे-धीरे पाश्चात्य की पिछड़ती जा रही हैं। किशोरिया पाश्चात्य की ओर अग्रसर हो रहे हैं। आपकी वेशभूषा आपके व्यक्तित्व की एक मौन व्याख्या करती हैं। कपड़े सिर्फ शरीर ढकने के लिए नहीं पहने जाते बल्कि परिधान ऐसे हों कि आपका व्यक्तित्व निखारें ।
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