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आधनक गत सदरभ म: शकगत "परषरथ सहत" क ववचन

International Journal of Sanskrit Research · 2019 · Vol. 5(1) · pp. 85–88

Abstract

संस्कृत भाषा विश्व की प्राचीनतमा भाषा होने के साथ-साथ वर्तमान में भी विपुल रचना संसार के साथ अपनी सशक्त उपस्थिति से प्रशंसनीय है। आज भी संस्कृत भाषा में अनेक विधाओं में प्रभूत साहित्य रचना हो रही है। वैश्विक संदर्भ में विभिन्न देशों की कविता शैलियों तथा अपने देश की ही पारंपारिक गीत शैलियों को संस्कृत में प्रयुक्त किया जा रहा है । गीतिकाव्य, गीति, गीत अथवा नवगीत तथा अन्य विभिन्न आधुनिक शैलियों का संस्कृत साहित्य में रचा जाना इस समृद्ध भाषा की प्रयोगधर्मिता को प्रकट करता है। प्रस्तुत शोध-पत्र इसी आलोक में सुप्रसिद्ध आधुनिक कवि एवं परम विद्वान शिक्षक प्रोफेसर श्रीनिवास रथ द्वारा रचित शोकगीति

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