सवपरव व सवरत शकषक वरग क चनतय एव उनक वयवसयक सझव
Abstract
वर्तमान युग परिवर्तन का युग हैं, वर्तमान समय में सम्पूर्ण विश्व जहा कोरोना महामारी से जूझ रहा था ठीक उसी समय शैक्षिक व्यवस्था चरमरा गयी थी। जिसके परिणाम स्वरुप जो सबसे ज़्यादा प्रभावित हुए थे उनमें मज़दूर वर्ग व् शिक्षक वर्ग पर इसका प्रभाव सबसे ज्यादा दिखा था। वैसे भी इक्कसवीं सदी में शिक्षा की चुनोतियाँ बदल रही हैं और इससे शिक्षक की भूमिका भी बदलती जा रही है। जब शिक्षा की चुनोतियाँ एवं शिक्षक से अपेक्षाएं बदल रही हैं तो शिक्षक की जिम्मेदारियाँ, गुण, अपेक्षित क्षमताएं व कौशलों पर भी विचार करना जरुरी हो जाता है। इस शोध पत्र में शिक्षक शिक्षा के लिए अभी तक किये गए प्रयासों की व्याख्या की गयी है और शिक्षक की वर्तमान पेशेवर जरूरतों एवं चुनोतियों को लिखा गया है। शोध पत्र के इस प्रस्तुतीकरण में सन्दर्भ नयी शिक्षा नीति 2020, संवैधानिक मूल्यों और कोविड19 के बाद की परिस्थियों में शिक्षक की भूमिका और शिक्षक से अपेक्षाओं को गया है, जिसके अंतर्गत नयी शिक्षा नीति और कोविड-2019 के बाद की बदलती परिस्थितियों के मद्देनजर शिक्षक की पेशेवर जरूरतों और चुनौतियों को समझते हुए शिक्षक विकास के समग्र उपागम को अपनाने की बात की गयी है।
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