रजनत क कशल खलड़ सरदर-बललभ भई पटल
Abstract
बल्लभ भाई पटेल एक ऐसा नाम है, जो स्वयं में ही लौहपुरूष का बोधक हो जाता है। एक ऐसा स्वतंत्रता संग्राम सेनानी जिसका व्यक्तित्व शब्दों के जाल में बांधा नहीं जा सकता। एक किसान परिवार में जन्म लेकर जो विलायत जाने की दृढ़ इच्छा शक्ति रखता हो तथा बेरिस्टर बनकर धन व यश कमाने का जिसने संकल्प लिया हो, राजनीति में जिसको केवल अरूचि ही नहीं बल्कि उसे नफरत हो, किन्तु गांधी जी के सम्पर्क में आकर जीवन का नया अध्याय शुरू किया हो, गुजरात में अहमदाबाद नगर पालिका के चेयरमैन के रूप में सार्वजनिक जीवन की शुरूआत कर त्याग, बलिदान तथा अपनी क्षमता के कारण खेड़ा-सत्याग्रह और वारडोली-सत्याग्रह का सफल नेतृत्व किया हो, प्रदेश से निकलकर देश की राजनीति में पदार्पण किया हो, सन् 1931 में काँग्रेस का अध्यक्ष चुना गया हो, भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में मील का पत्थर साबित होने वाली 1942 की क्रांति का सेनापति रहा हो, भारत का प्रथम उप प्रधानमंत्री तथा अविस्मरणीय गृहमंत्री पद सुशोभित किया हो। मैं संक्षेप में उनके जीवन के हर पहलू पर प्रकाश डालने का प्रयास करूँगी।
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