छतरओ म ई-लरनग क जनकर पर एक अधययन
Abstract
आज हम डिजीटल युग में जीवनयापन कर रहे हैं। प्रातःकालीन से रात्रि तक हम मोबाईल फोन, टेबलेट, आईपैड, सोशल मीडिया आदि में व्यस्त रहते हैं। परन्तु इस नवीन युग में प्रवेश के मूल में शिक्षा की ही भूमिका है। शिक्षा के मुख्य उद्देश्यों को प्राप्त करने में लर्निंग (अधिगम) का महत्वपूर्ण स्थान है।समय के साथ सीखने की प्रक्रियाओं में परिवर्तन आया है। ई-लर्निंग एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें पारम्परिक कक्षा-कक्ष न होकर पाठ्यक्रम व प्रोग्राम ऑनलाइन होते हैं। तकनीकी के इस युग में युवा वर्ग का बहुत समय इलेक्ट्रोनिक मीडिया पर गुजरता है। आज कई विद्यार्थी अपने विषयों को ऑनलाइन पढ़ते हैं। ई-लर्निंग में हम जब चाहे तब जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। छात्रवर्ग में ई-लर्निंग को लेकर काफी दिलचस्पी है। ई-लर्निंग के प्रोत्साहन से शिक्षा सुविधाओं के विस्तार तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के ध्येय प्राप्ति में सहायक है। प्रस्तुत अध्याय से पता चलता है कि स्मार्टफोन, इन्टरनेट, वाई-फाई जैसी तकनीक व्यावहारिक रूप से सभी को सस्ती दरों पर उपलब्ध होने के कारण शिक्षा के क्षेत्र में ई-लर्निंग का प्रयोग काफी लोकप्रिय हो रहा है। अध्ययन में सम्मिलित अधिकतर छात्राओं को ई-लर्निंग से सम्बन्धित जानकारी थी, परन्तु ई-लर्निंग का उपयोगन अपनी औपचारिक शिक्षा में करने को लेकर वे सहज नहीं थे। ई-लर्निंग द्वारा सीखना ज्यादा आसान व लचीला होता है, क्योेंकि एक विषय को सिखाने के लिए विभिन्न तकनीकों का उपयोग होता है।
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