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बहजन समज और ड॰ तलसरम

International journal of applied research · 2019 · Vol. 5(2) · pp. 222–225

Abstract

डा॰ तलसीराम जिस समाज म पदा हए वह वासतव म बहजन समाज ह। उनहोन उस समाज की गहरी पीड़ा को भोगा था, जिसक कारण उनकी रचनाओ को य परसग अतयत गभीरता स उदघाटित हआ ह। तलसीराम न अपनी आतमकथा क दोनो भागो- ‘मरदहिया’ तथा ‘मणिकरणिका’ म अपनी वयकतिक पीड़ा क साथ अपन परिवशगत सतय को परसतत किया ह। उनकी चतना म बहजन समाज की रीति-नीति परणता क साथ उभरकर सामन आता ह।

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