भरत म उचच शकष व वशवकरण क चनतय: एक वशलषणतमक अधययन
Abstract
प्रस्तुत अध्ययन के अंतर्गत भारत में उच्च शिक्षा तथा आधुनिक समय की मांग के अनुसार वैश्वीकरण की संभावनाओं को तलाशने का प्रयास किया गया है जिसके अंतर्गत ऐसी चुनौतियों के विश्लेषण को इस अध्ययन में सम्मिलित किया गया है जिनकी की उपस्थिति में किसी भी राष्ट्र की उन्नति के मार्ग को प्रशस्त करने में गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। भारत के संदर्भ में भी यह स्थिति अत्यंत ही विचारणीय है अतः इस विषय पर अध्ययन करना नीति निर्माताओं, शिक्षाविदों तथा संबंधित विषय के पेशेवरो हेतु अत्यंत ही उपयोगी सिद्ध होगी। इसके अतिरिक्त यह अध्ययन इस बात की भी समीक्षा करता है कि किस प्रकार वैश्वीकरण ने अपने दोहरे स्वरूप से विश्व के लगभग सभी राष्ट्रो को प्रभावित करने का काम किया है।
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