रषटर नरमण म कषतरय दल क भमक
Abstract
भारतीय दलीय वयवसथा की एक विचार करन योगय विशषता बड़ी सखया म कषतरीय दलो का होना ह। कषतरीय दल स हमारा अरथ ऐस दल स ह जो एक सीमित भौगोलिक कषतरा म कारय करता ह और इसकी गतिविधिया कवल एक अथवा मटठी भर राजयो तक सीमित होती ह। दसर शबदो म, राषटरीय दलो क वयापक विभिनन परकार क हितो की तलना म कषतरीय दल एक विशष कषतर क हितो का परतिनिधतवि करत ह। सरल शबदो म, कषतरीय दल अखिल भारतीय दलो स अपन दषटिकोण और हितो की दषटि स दोनो म बहत अतर ह। व कवल राजय अथवा कषतरीय सतर पर सतता परापत करना चाहत ह और राषटरीय सरकार पर नियतराण बनान की इचछा नही रखत। यह बात धयान दन योगय ह कि भारत म कषतरीय दलो की सखया राषटरीय दलो स काफी अधिक ह और कछ राजयो म कषतरीय दल शासन भी कर रह ह, जस- पजाब, तमिलनाड, करनाटक, आसाम, जमम और कशमीर आदि।
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