article
पथव स मनव क मटत ‘असततव'
International journal of applied research · 2021 · Vol. 7(8) · pp. 350–352
Abstract
वातावरण का सरवाधिक परभावकारी एव महतवपरण कारक मनषय का असतितव आज उसक सवय क अनियतरित और भोग-विलास यकत जीवन शली क परिणाम सवरप सकट म ह। जिसको समयानकल नियतरित कर पारिसथितिकी क साथ सामजसय सथापित करना आवयषक हो जाता ह। सामजसय क अभाव म दीरघकाल म परजातिगत समसयाओ का सामना करना पड़ सकता ह। असत यह शोध वरतमान परिसथिति म आवशयक ह।
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