Scinovex
article

लककथओ म लकगत क सयजन एव सतर चतन क सवर

International journal of applied research · 2021 · Vol. 7(2) · pp. 51–53

Abstract

लोक कथाए हमारी पराचीन धरोहर ह हमारा आदि साहितय ह इनम हमारी पराचीन भारतीय ससकति सभयता और इतिहास समकित ह | लोक कथाओ म लोक जीवन की झाकी इनम लोगो क सखो -दखो की अभिवयकति होती ह साथ ही य मनोरजन क साथ शरम का परिहार भी करत ह| मनषय परारभ स ही कलपनाशील रहा ह अपनी इसी कलपनाशीलता क कारण वह अपन आसपास की घटनाओ और यथारथ को लोक कथा क रप म कहन लगा | लोककथाए विशव की हर भाषा म होत ह | भारतीय आदिवासी और गरामय जीवन म लोक कथाओ की महतवपरण भमिका ह | य ससकति की वाहक होती ह व ससकति की अनकानक ततवो को एक पीढी स दसरी तक हसतातरित करती ह | कछ लोक कथाए अपन अचल विशष म कही सनी जाती ह कछ अपन अचल स निकल कर लोक जीवन तक पहचती ह तो कछ लोक कथाए थोड परिवरतन क साथ विशववयापी हो जाती ह | लोक कथाओ म लोक गीतो का सयोजन उस और सरस बना दता ह | आधनिकता क परभाव स लोक कथाए विलपति क कगार पर ह आज इनक सकलन अनवषण पनरलखन और विशलषण की आवशयकता ह परसतत शोध- पतर का यही उददशय ह |

Citations
0
FWCI
0.00
field-weighted impact
References
0
Percentile
5%
vs. same field & year
Citation Network

How this paper connects to the literature. Drag to explore, click any node to open that paper.

लककथओ म लकगत क सयजन एव सतर चतन क सवर · Scinovex