जवन सघरष क वजत बलक - शयरज
Abstract
जीवन एक सघरष ह और हम सभी को इस सघरष को सवीकार कर अपन जीवन म आग बढ़ना होगा यहा तक कि परकति क साथ, सवय क साथ, परिसथितियो क साथ बिना सघरषो का सामना किय हम नही रह सकत ह। आए दिन हम सब को सघरषो का सामना करना पडता ह और इन स जझना पडता ह। जो इन सघरषो का सामना करन स कतरात ह वह जीवन स भी हार जात ह और जीवन भी उनका साथ नही दता। हर सफल इसान की जिदगी म एक सघरष की कहानी जरर होती ह इसलिए सघरष स हम डरना नही चाहिए। यदि आप सघरष कर रह हो तो समझ लीजिए आपकी सफलता दर नही सघरष का दसरा नाम ही सफलता ह। इसी सनदरभ म डॉ. शयौराज जी क सघरष को दख सकत ह। मझ लगता ह हम इनक सघरषो स पररणा भी गरहण कर सकत ह। अपन परारभिक दिनो म जो सघरष शयौराज जी न किया और हार नही मानी इसी कारण हम सभी आज उनह एक मिशाल क रप म दख रह ह कि कस एक बालक अपनी मासमियत भरी नयनो म सपनो को सजोता ह और उनह परा करन क लिए जी तोड़ महनत कर आख़िरकार सफलता की सीढ़ियो को पार करत हए अपनी मजिल तक पहचता ह।
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