करपटकरस भवषय क मदर
Abstract
करिपटोकरसी एक नवीन और डिजिटल मदरा क रप म विकसित होती जा रही ह। सामानयतया करिपटो स आशय ऐसी चीज या सथिति स लगाया जाता ह जिसका वासतविक रप स असतितव नही होता ळ यह मदरा इटरनट पर चलन वाली एक वरचअल या आभासी मदरा ह। करिपटोकरसी का निरमाण कोई भी वयकति कर सकता ह इस आभासी मदरा का मलय उस वयकति या ससथा की विशवसनियता पर निरधारित होता ह जो कम-जयादा हो सकता ह और यदि विशवसनियता समापत हो जाए तो यह मलय भी समापत हो जाता ह। सातोषी नाकामोटा न बलाक चन का उपयोग करत हए एक सरकषित आभासी मदरा क रप म 3 जनवरी 2009 को परथमतः इसका उपयोग किया गया था। किसी बिटकाइन वालट का अपना निजी सखया या कोड होता ह जो बिटकाइन वालट म सरकषित रखा जाता ह। जब वरष 2009 म बिटकाइन बाजार म आभासी मदरा क रप म आया तो उसकी कीमत शनय थी। वरष 2010 तक इसकी कीमत एक डालर भी नही थी जो दिनाक 16 फरवरी 2021 को बिटकाइन की एक इकाई की कीमत 50,000 डालर हो गई ह। भारतीय रिरजव बक न 2018 म करिपटोकरसी स सबधित लन-दनो को परतिबधित कर दिया था। परनत सपरीम कोरट इस आभासी मदरा को लन-दन हत मानयता परदान की ह। भारतीय रिरजव बक न 25 जनवरी 2021 को भगतान परणाली पर रिपोरट परसतत की। पमट एणड सटलमट सिसटम इन इणडिया पसतक क आधार पर रिपोरट म यह बताया ह कि निजी डिजिटल मदरा, आभासी मदरा या करिपटोकरसी बहत ही लोकपरिय हो रही ह। ऐस म भारतीय रिरजव बक भी रपया का डिजिटल ससकरण लाच करन की सभावनाओ पर विचार कर रहा ह।
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