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बनकर क समजक-आरथक सथत क अधययन ओरमझ परखणड क सदरभ म
International Journal of Home Science · 2021 · Vol. 7(1) · pp. 78–81
Abstract
झारखण्ड में विभिन्न प्रकार की जाति एवं धर्म के लोग निवास करते हैं जिनका कुछ व्यवसाय है जिसके कारण उनको कारीगर बुनकर (जुलाहा) लोहार, बढ़ई कहा जाता है उनकी समाज में आर्थिक एवं सामाजिक स्थिति अच्छी नहीं है। प्रस्तुत शोध आलेख में बुनकरों की सामाजिक आर्थिक स्थिति को ज्ञात करने के लिए ओरमांझी प्रखण्ड के इरबा के चार गाँव को लिया गया है। अधिकतर लोग अशिक्षित एवं धार्मिक विचार के थे। कच्चे मकानों में रहते थे। आय के साधन कृषि, बुनकर, दर्जी, पशुपालन, वालपुट्टी आदि थे। उनके आमदनी का स्वरूप मासिक था। निम्न स्तर का जीवन यापन करते थे। परिवार नियोजन को प्राथमिकता नही देने के कारण उनके सदस्यो की संख्या अधिक थी।
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