Scinovex
article

कवर नरयण क कवय क भषक सरचन, छदवधन एव शलपक शरषठतए

International journal of applied research · 2021 · Vol. 7(2) · pp. 82–84

Abstract

कवर नारायण क कावयो म छनदो क साथ कछ परयोग किए दिखाई पड़त ह, परनत इस विषय म उनहोन सवय कहा ह कि ‘छनदो का हमशा कावय का जररी हिससा नही माना गया। छनद मातर कावयो को अलकरित करन का कारय करत ह, परनत मन छनदो को अलकार या सजावट न मानकर कावय की तरह महतवपरण माना ह। नयी कविता की यह विशषता रही ह कि इसकी भाषा, सरल, विचार क अनरप, सवाभाविक, परभावातमक रही ह, इसी बधी हई परिपाटी का पालन कवर नारायण न भी किया, उनकी भाषा म भाषा का परवाह, परभावातमकता, अरथवतता, सजीवता, परसगानकलता दखन को मिलता ह।

Citations
0
FWCI
0.00
field-weighted impact
References
0
Percentile
2%
vs. same field & year
Citation Network

How this paper connects to the literature. Drag to explore, click any node to open that paper.

कवर नरयण क कवय क भषक सरचन, छदवधन एव शलपक शरषठतए · Scinovex