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बरहम लप एव उसस परभवत लपय
International journal of applied research · 2021 · Vol. 7(2) · pp. 151–154
Abstract
ससार क लोग अपन दश, काल और परिसथितियो क अनसार अपन दनिक वयवहार एव परापत जञान को लिखित रप म सरकषित करन क लिए विभिनन लिपियो का निरमाण करत ह। भारत म परापत अनक पराचीन मदराए पढी न जान स वरततमान जञात पराचीनतम लिपि बराहमी ह। लगभग सपरण भारत म परचलित बराहमी लिपि म दश, काल, सथान और विभिनन लखन पदधतियो क कारण अनक परिवरतन हए। जिसस कालानतर म अनक लिपिया विकसित हई। भारत क निकटवरती दशो पर भी इसका परभाव दषटिगोचर होता ह। वरततमान काल म परचलित भारतीय लिपियो का मल बराहमी लिपि ह। परसतत शोधपतर म बराहमी लिपि क सवरप क साथ – साथ उसस विकसित लिपियो का भी चितन किया गया ह।
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