पगड सभल जटट कषक आदलन क पषठभम
Abstract
परसतत अधययन बरिटिशकालीन भारत म बरितानी हकमत दवारा कषि पर थोप गए तीन काल काननो क फलसवरप उतपनन असतोष की वयाखया करता ह जिसक अतरगत ततकालीन बरितानी हकमतो क विरदध जनमा पगडी सभाल जटटा आदोलन एक सफल कषक आदोलन क रप म उभरा जिसन आम जनमानस को भी परी तरह परभावित किया । कषक आदोलन होन क अतिरिकत इस आदोलन न सवततरता क नायको को एक मजबत राजनीतिक मच परदान करन का भी कारय किया जिसकी सफलता अगरजो क परति भारतीय नागरिको म उतपनन विदरोह की भावना मखय थी । अतः इस विषय पर अधययन करना शिकषाविदो तथा इतिहासकारो की भारतीय सवततरता आदोलन क सबध म परचलित सोच को और भी विकसित करगा। इसक अतिरिकत भारत सरकार दवारा हाल ही म लाए गए तीन कषि काननो क विरोध म दिलली की सीमाओ पर एकतरित हआ किसान वरग एक विसतत आदोलन क रप म उभरा ह अतः यह विषय इस अधययन की परासगिकता पर बल दता ह।
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