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यग और खल क मनव शरर पर परभव

Abstract

योग हमार जीवन का परमख अग ह योग एवम खल मानव जीवन एक महतवपरण अग ह मानव को अपन वयसत जीवन कछ समय निकालकर योग करना चाहिए। योग एवम खल स हम लोगो का शरीर सवसथ रहता ह। मासपशिया मजबत होती ह। मानसिक तनाव दर होता ह। योग एवम खल स मानव का अधयातमिक, मानसिक एवम शारिरक विकास होता ह। योग एवम खल स मानव शवशन गति तीवर मजबत होती ह, और इसक माधयम स पराणवाय की मातरा बढ़ती ह। शवसन करिया ठीक रहन स असथमा, मधमह, उचचरकतचाप जसी बिमारीया नही होती ह आज का मानव अनक परकार भयानक रोगो स गरसीत ह, जिसस चिनता एवम भय क कारण अनक परकार क मानसिक रोग उतपनन हो रह ह, जिसस अनक परकार क मानसिक रोग हो जात ह। जिनको दर करन क लिए योग एवम खल जररी ह। इसस मानव म सामाजिक कौशल विकाश होता रह।

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