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वरतमन समय म यग क महततव

Abstract

योग शबद ससकत की ‘यज’ धात स बना ह जिसका अरथ ह जोड़ना यानि शरीर, मन और आतमा को एक सतर म जोड़ना | योग क महान गरनथ पतजलि योग दरशन म योग क बार म कहा गया ह| “योगशच चिततवतति निरोध:“l यानि मन की वततियो पर नियतरण करना ही योग ह l पराचीन जीवन पदधति लिय योग, आज क परिवश म हमार जीवन को सवसथ और खशहाल बना सकत ह। आज क परदषित वातावरण म योग एक ऐसी औषधि ह जिसका कोई साइड इफकट नही ह, बलकि योग क अनक आसन जस कि, शवासन हाई बलड परशर को सामानय करता ह, जीवन क लिय सजीवनी ह कपालभाति पराणायाम, भरामरी पराणायाम मन को शात करता ह, वकरासन हम अनक बीमारियो स बचाता ह। आज कपयटर की दनिया म दिनभर उसक सामन बठ-बठ काम करन स अनक लोगो को कमर दरद एव गरदन दरद की शिकायत एक आम बात हो गई ह, ऐस म शलभासन तथा तङासन हम दरद निवारक दवा स मकति दिलाता ह। पवनमकतासन अपन नाम क अनरप पट स गस की समसया को दर करता ह। गठिया की समसया को मरदडासन दर करता ह। योग म ऐस अनक आसन ह जिनको जीवन म अपनान स कई बीमारिया समापत हो जाती ह और खतरनाक बीमारियो का असर भी कम हो जाता ह। 24 घट म स महज कछ मिनट का ही परयोग यदि योग म उपयोग करत ह तो अपनी सहत को हम चसत-दरसत रख सकत ह। फिट रहन क साथ ही योग हम पॉजिटिव एरनजी भी दता ह। योग स शरीर म रोग परतिरोध कषमता का विकास होता ह।य कहना अतिशयोकति न होगा कि, योग हमार लिय हर तरह स आवशयक ह। यह हमार शारीरिक, मानसिक और आतमिक सवासथय क लिय लाभदायक ह। योग क माधयम स आतमिक सतषटि, शाति और ऊरजावान चतना की अनभति परापत होती ह, जिसस हमारा जीवन तनाव मकत तथा हर दिन सकारातमक ऊरजा क साथ आग बढता ह। हमार दश की ऋषि परपरा योग को आज विशव भी अपना रहा ह। जिसका परिणाम ह कि 21 जन को अनतरराषटरीय योग दिवस (International Yoga Day) मनाय जान क लिए सयकत राषटर म परधानमतरी शरी नरनदर मोदी दवारा रख गय परसताव को 177 दशो न अतयत सीमित समय म पारित कर दिया l और आज 21 जन 2015 को परथम अतरराषटरीय योग दिवस / First International Yoga Day परी दनिया म बड़ उतसाह क साथ मनाया जा रहा ह ।

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