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अनतरपढ़ सघरष एव परजतय कषतर म अनतर

International journal of applied research · 2017 · Vol. 3(1) · pp. 994–998

Abstract

एक परजाति और दसरी परजाति म शारीरिक अनतर सपषटतः दिखाई पड़त ह और जब दो भिनन परजातिया एक दसर क समपरक म आती ह तो कई बार उनम सघरष भड़क उठता ह। इस ही परजातीय सघरष कहत ह। इस परकार क सघरष अमरिका म शवत और नीगरो परजातियो और अफरीका म शवत और शयाम परजातियो क लोगो क बीच पाय जात ह। परजातीय सघरष का एक परमख कारण अपनी परजाति को अनय परजातियो की तलना म शरषठ समझन की अवधानिक धारणा ह। यदयपि परजातीय सघरष क लिए सासकतिक भिननता और विशषतः आरथिक हितो का टकराव परमख रप स उततरदायी ह। परजातीय सघरष क लिए हीन समझी जान वाली परजाति का आरथिक शोषण भी एक मखय कारक ह। परानी पीढ़ी म परजातीय भद की भावना अधिक पायी जाती ह, जबकि नई पीढ़ी इस भद को अवधानिक मानती ह। इस परजातीय भद क कारण भी परानी एव नवीन पीढ़ी म अनतर पीढ़ी सघरष पाया जाता ह।

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