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भरतय नर क वरतमन सवचरत धरण
International journal of applied research · 2018 · Vol. 4(4) · pp. 445–446
Abstract
भारतीय नारी की पहचान कई वरग समहो, विभिनन जाति समहो, धारमिक और सासकतिक समहो क रप म होती ह। इतना ही नही गरामीण और शहरी नारियो की भी पहचान अलग-अलग ह। उदाहरणसवरप उचच वरग की नारी, पिछड़ी जाति की महिलाए, अनसचित जाति एव जनजाति की सतरिया इतयादि। इसी परकार आरथिक और सामाजिक सतर, समपतति का अधिकार परिवार म सथिति इतयादि इस बात पर निरभर करता ह कि हम किस वरग की बराहमण या अनसचित जाति की अथवा हिनद, मसलिम या ईसाई समपरदाय की महिला की बात कर रह ह।
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