भरत-अमरक सबध क गटनरपकष आनदलन म भमक - एक समकषतमक अवलकन
Abstract
भारत और अमरिका विशव क दो विशाल लोकतातरिक दश ह। दोनो दशो को मानवीय सवतनतरता, विशव शानति, मानवीय अधिकारो व अनतरराषटरीय वयवसथा क पोषक क रप म दखा जाता ह। इस बनियादी समानताओ क बावजद उनक बीच समय समय पर ऐस अनक तनाव क बिनद उभर जिस कारण उनम परव म घनिषठ मतरी समबनधो की सथापना का मारग कभी परशसत नही हो पाया। दोनो क पारसपरिक समबनध काफी उतार चढ़ाव क रह ह।भारत अमरिका समबनधो को दो मौलिक परनत विरोधी पररणा शरोतो की गतयातमक अनतःकरिया क सनदरभ म समझना चाहिय। एक ओर तो भारत की अनरतराषटरीय राजनीति म सशकत अभिकतरता क रप म उदित होन की सतत महतवाकाकषा ह। जबकि उसक लायक सामथरय उसम नही ह और दसरी ओर अमरिका को अपनी सरकषा और शकति परसार क लिय दसर राषटरो का उपयोग करन का लकषय रहा ह। भारत - अमरिकी पारसपरिक समबनधो को समझन की कनजी इसी स मिलगी, न कि उस वयकतिगत सहानभति या आकरोश म जो भारत क परति अमरिकी नता विशष क हनदय म अथवा किसी राजदत क वयकतिगत विचार म।
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