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सवसदन: सतर मकत क भरतय पठ
International journal of applied research · 2017 · Vol. 3(11) · pp. 316–317
Abstract
परमचद क सवासदन उपनयास म दहज-परथा, अनमल-विवाह, नारियो क परति दषटिकोण आदि को कथावसत मनाया ह। समन क माधयम स लखक न सतरितव की गरिमा को बखबी दिखान का परयास किया ह। नारिया अब चार-दीवारी म कद रहन वाली नही ह, उस तो खली छत और अननत आकाश चाहिए। जिसम वह मन की वयथा और तन की पयास बझा सक।
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