भरत नरमण म शरमक क समजक-आरथक आयम
Abstract
शरमिक किसी भी राषटर क महतवपरण मानव ससाधन ह। कषि, निरमाण कारय, सगठित एव असगठित कषतरो म य अपनी भमिका निभा रह ह। शरमिक दश क विकास म अपना अहम योगदान दता ह। अतः भारत निरमाण म समाज की परगति, समदधि तथा खशहाली म भारतीय शरमिको दवारा किए जा रह योगदान को नमन किया जाना चाहिए। भारत सरकार न 16 दिसबर 2005 को ‘भारत निरमाण योजना’ की शरआत की। इस योजना का उददशय गरामीण कषतरो म बनियादी ढाच का विकास करना ह जिसम बिजली, पानी, सड़क, सिचाई, दरसचार और गरामीण कषतरो म आवास को शामिल किया गया ह। भारत निरमाण योजना का लकषय गावो को बसाखिया न दकर उनह अपन ही परो पर मजबती स खड़ होन लायक बनाना ह। इस योजना स गरामीणो को गावो म ही जररत की सविधाए मिलती ह। ऐसा होन स शहरो की ओर पलायन म कमी आती ह। अब इस योजना म समपरणता की बात की गई ह ताकि गावो का समपरण विकास हो सक। यह योजना बहद कारगर सिदध हो रही ह। इसका सकारातमक परभाव गरामीण शरमिको पर पड़ा ह। अतः उनक जीवन सतर म सधार लान स सबधित कारयकरम को पराथमिकता क आधार पर परभावी रप स करियानवित किया जा रहा ह।
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