article
मल आचल: समगर वशलषण
International journal of applied research · 2016 · Vol. 2(1) · pp. 531–532
Abstract
आचलिक उपनयास क सरवशरषठ शिलपी निससदह रण ह। व वयकतिगत रप स समाजवादी आनदोलन स जड़ थ। उनक सभी उपनयासो म राजनीतिक चतना कमोबश सननिहित ह। व जनमजात रचनाकार थ। उनक दो सरवशरषठ उपनयासो म ‘मला आचल’ और ‘परती परिकथा’ की कथा भमि गराम ह तो इसका कोई राजनीतिक अथवा अनय कारण नही। ‘रण’ क बाहय वयकतितव म नागर सभरातता थी किनत उनका आतरिक वयकतितव गरामीण था।
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