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नगरजन क कवत म मजदर

International journal of applied research · 2017 · Vol. 3(9) · pp. 195–196

Abstract

नागारजन को मजदर, शरमिको की मजबरी अपनी ओर आकषट कर लती ह। यही कारण ह कि वयकतिगत ईमानदारी और नतिकता का सरोत सामतवाद नही भारत क सरवसाधारण शरमिक जनता ह। इसलिए सामती पजीवादी क विरदध नागारजन न शोषित, दलित, मजदर जनता को अपनी कविता का विषय बनाकर उनक भीतर सामतो क खिलाफ लड़न की, आवाज उठान की अजय शकति का सचार किया ह।

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