सधव एव वदक ससकत क धरमक वयवसथ क तलनतमक अधययन
Abstract
सिध सभयता कालीन समाज एक धारमिक समाज था। लोग धरम म विशवास करत थ और पजा-पाठ करत थ। इस विषय म भी लिखित साकषयो का अभाव ही रहा ह। कवल पराताततविक साकषयो क आधार पर ही विदवानो न सधव धरम क सवरप क सबध म कछ अनमान लगाय ह। सधव सभयता स विभिनन परासथलो स परापत होन वाली मिटटी की मरतियो, पतथर की छोटी मरतियो, पतथर निरमित लिग एव योनियो, महरो तथा मदभाणडो पर चितरित आकतिया और कछ विशिषट परकार क भवनो एव भगनावशषो क अधययन क आधार पर सधव धरम क विषय म अनमान लगाया गया ह। वदिक यगीन आरय, इनदर, मरत, मितर, वरण, अगनि, यम आदि बहत स दवताओ की पजा किया करत थ, जिनह सतषट करन क लिए व अनक विधि विधानो का अनसरण किया करत थ। परसतत पतर म सिध सभयता कालीन पराताततविक साकषयो क आधार पर सधव धरम तथा वदिक साहितय क आधार पर वदिक धरम क विभिनन पहलओ पर परकाश डालन का परयास किया जा रहा ह।
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