छततसगढ़ क वशष पछड़ जनजत ‘पहड़ करव’ क बचच म कपषण क सथत एक मनवमतय अधययन
Abstract
परसतत शोध अधययन म छततीसगढ़ राजय क विशष पिछड़ी जनजाति ‘पहाड़ी कोरवा’ क बचचो म कपोषण क सथिति का मलयाकन मानवमितीय सचकाको दवारा जञात किया गया ह। जिसम सरगजा जिल क पहाड़ी कोरवा जनजाति क 0 - 5 वरष तक क 210 बालक - बालिकाओ को शामिल किया ह। इन मापनो को जलिफी इडकस (वजन क अनपात म आय), वॉटरलो इडकस (ऊचाई क अनपात म आय) दवारा दिय गय पोषण सथिति को डबलय.एच.ओ. (2006) क सटडरड वलय स तलना करक पहाड़ी कोरवा जनजाति क बचचो म कपोषण की सथिति को जञात किया गया ह, जिसम जलफी इडकस (वजन क अनपात म आय) क आधार पर कल बालको म 65.18 परतिशत कपोषण एव बालिकाओ म 69.39 परतिशत कपोषण स पीड़ित पाय गय ह। वॉटरलो इडकस क आधार पर कल बालको म 53.57 परतिशत एव बालिकाओ 50.00 परतिशत कपोषण स परभावित पाय गय ह। इसक पशचात कनवाती एव मकलरन वरगीकरण क आधार पर कल बालको म 51.79 परतिशत एव बालिकाओ म 57.14 परतिशत कपोषण स परभावित पाय गय। उपरयकत निषकरषो स जञात होता ह कि पहाड़ी कोरवा जनजाति क बचचो म कपोषण अतयधिक मातरा म वयापत ह, जो असतोष का कारण ह, कयोकि कपोषण स परभावित होन स जीवन क अनय पकष भी परभावित होत ह साथ ही अनय शारीरिक रोगो की दर भी तज होती जाती ह।
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