मधयनह भजन यजन क परत अधयपक क दषटकण क एक वशलषण उततरपरदश, जनपद-फतहपर क वशष सनदरभ म
Abstract
भोजन मानव जीवन की पराथमिक आवशयकता ह। भोजन का एक मातर उददशय भख निवतति ही नही ह, बलकि भोजन का समबनध जीवन विकास क विभिनन पहलओ जस- शिकषा, सवासथय एव सरकषा स जड़ा हआ ह। भोजन शारीरिक आवशयकताओ क साथ-साथ सामाजिक एव सवगातमक आवशयकताओ की सनतषटि भी करता ह। आहार सरकषा एव शिकषा क अधिकार क वयापक परिपरकषय को धयान म रखत हए दश क पराथमिक एव उचच पराथमिक विदयालयो म बचचो क पोषाहार सतर म सधार एव गणवतता परक शिकषा हत उनक नामाकन एव उपसथिति म वदधि करन क उददशय स कनदरीय मानव ससाधन विकास मनतरालय दवारा राजय सरकारो क सहयोग स फलगशिप कारयकरम क रप म ‘मधयानह भोजन योजना’ सचालित की जा रही ह। मधयानह भोजन योजना बचचो क परक पोषण क सरोत और उनक सवसथय विकास क रप म कारय करता ह। यह योजना छातरो क जञानातमक, भावातमक और सामाजिक विकास म सहायक ह। किसी भी योजना की सफलता हत लोगो की सहभागिता हो, इसक लिए कारयकरम क परति उनक दषटिकोण क अनकल होन की अपकषा की जाती ह। इसी परिपरकषय म परसतत शोध अधययन उततर परदश क फतहपर जनपद क विकास खणड अमौली क सरकारी पराथमिक एव उचच पराथमिक विदयालयो म कारयरत 35 अधयापको क मधयानह भोजन योजना क परति दषटिकोण एव इस कारयकरम म उनक दवारा सामना की जान वाली समसयाओ स समबनधित ह। इस शोध अधययन म वरणनातमक सरवकषण शोध अभिकलप का परयोग करत हए समसया की वरतमान सथिति को परसतत किया गया ह। परसतत शोध अधययन म बहसतरीय सयोगिक निदरशन तकनीकि का परयोग किया गया ह। आकड़ो क सकलन हत पराथमिक सरोत विशिषट उपकरण क रप म परशनावली का परयोग किया गया ह। परसतत शोध अधययन म अधयापको क मधयानह भोजन योजना क परति दषटिकोण समबनधी अधययन करन पर पाया गया कि अधिकाश अधयापक (57.14%) इस कारयकरम क परति मधयम सतरीय अनकलता रखत ह। अधिकाश अधयापको (91.42%) दवारा मधयानह भोजन योजना की परिवरतन लागत धनराशि का समय स परापत न होना एव अपरयापत होना, 85.71 परतिशत दवारा गराम परधानो क अनावशयक हसतकषप की समसया, 57.14 परतिशत दवारा रसद आपरति समबनधी समसयाए, 54.28 परतिशत दवारा फल एव दध की उपलबधता की समसया, 51.42 परतिशत दवारा भणडारण ककष का अभाव तथा रसोइया मानदय समय स परापत न होन की समसया बताई गई। इस योजना क परति अधयापको का दषटिकोण उचच सतरीय बनान एव मधयानह भोजन योजना क उतकषट सचालन क लिए समबनधित अधयापको को मधयानह भोजन योजना समबनधी अपन परभावी उततरदायिततवो क निरवहन हत उचित मारगदरशन एव सामयिक गणवततापरक परशिकषण दिए जान एव विततीय वयवसथा तथा आधारिक सरचना को सदढ़ किए जान की अनशसा की जाती ह।
How this paper connects to the literature. Drag to explore, click any node to open that paper.
