Scinovex
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ककण बल क लक-कथतमक गत

International journal of applied research · 2017 · Vol. 3(7) · pp. 274–277

Abstract

दकषिणी गजरात आदिवासी बहल परदश ह। इसकी तीन मखय आदिवासी जातिया ह-धोडिया, ककणा और वारली। इनकी बोलियो को इनक ही नाम स करमशः धोडिया, ककणा और वारली बोली कहत ह। इन तीनो बोलियो म लोक-साहितय की दषटि स ककणा बोली बहत ही समदध ह जिसम लोकगीत, लोककथा, पहलिया आदि की भरमार ह। ककणा जाति म कछ लोकगीत ऐस भी ह जो किसी न किसी लोक-कथा पर आधारित ह। जो ककणा जनजाति की मानयताओ, रीतिरिवाजो, कल सबधी मानयताओ को बारीकी स उभारत ह। इनक कथातमक गीत लौकिकता और अलौकिकता स यकत ह।

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